💎 आज के बाजार में सबसे स्वस्थ कंपनियों को देखेंशुरू करें

दिल्ली हाईकोर्ट यासीन मलिक के मौत की सजा की मांग वाली एनआईए की याचिका पर फरवरी में सुनवाई करेगा

प्रकाशित 05/12/2023, 11:57 pm
दिल्ली हाईकोर्ट यासीन मलिक के मौत की सजा की मांग वाली एनआईए की याचिका पर फरवरी में सुनवाई करेगा

नई दिल्ली, 5 दिसंबर (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक को मौत की सजा देने की मांग वाली एनआईए की याचिका पर सुनवाई 14 फरवरी 2024 तक के लिए टाल दी। यासीन आतंकी फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है। न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत और न्यायमूर्ति शलिंदर कौर की पीठ ने तिहाड़ जेल के जेल अधीक्षक को सुनवाई की अगली तारीख पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से मलिक को जेल से पेश करने का भी निर्देश दिया।

पिछले साल मई में मलिक ने अपना गुनाह कबूल कर लिया था। मलिक को एक विशेष एनआईए अदालत ने आतंकी फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध का दोषी ठहराया था।

एनआईए ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है और मलिक के लिए मौत की सजा की मांग की है। पिछली बार अगस्त में दोषी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुआ था। 29 मई को सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने कहा था कि मलिक ने बहुत चतुराई से अपराध स्वीकार करके मौत की सजा को टाल दिया।

उन्होंने तर्क दिया था, ''मुद्दा हमें परेशान कर रहा है कि कोई भी आतंकवादी आ सकता है, आतंकवादी गतिविधियां कर सकता है और अदालत कह सकती है कि क्योंकि उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया है, इसलिए हम उसे उम्रकैद की सजा दे रहे हैं। हर कोई यहां आएगा और दोष स्वीकार करके मुकदमे से बच जाएगा क्योंकि उन्हें पता होगा कि अगर वे मुकदमे में प्रवेश करेंगे तो फांसी ही होगी।''

हाईकोर्ट ने 29 मई को एनआईए की याचिका पर मलिक को बुधवार के लिए पेशी वारंट भी जारी किया था। हालांकि, 4 अगस्त को अदालत ने अपने आदेश में संशोधन किया और तिहाड़ जेल अधीक्षक के तत्काल आवेदन को अनुमति दे दी, जिसमें सुरक्षा मुद्दों का हवाला देते हुए उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से पेश करने की मांग की गई थी।

पिछले साल राष्ट्रपति द्वारा जारी आदेश का हवाला देते हुए, जेल अधिकारियों की ओर से पेश हुए दिल्ली सरकार के स्थायी वकील संजय लाओ ने कहा था, ''मलिक समाज के लिए खतरा है और इसलिए उसे एक साल या मुकदमा पूरा होने तक जेल से बाहर नहीं निकाला जाएगा या दिल्ली से बाहर नहीं ले जाया जाएगा।''

21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट अपने सामने मलिक को देखकर तब दंग रह गया जब वह जम्मू की एक विशेष अदालत के आदेश के खिलाफ सीबीआई द्वारा दायर अपील में उपस्थित हुआ था, जिसमें उसके खिलाफ अपहरण और हत्या के मामलों की सुनवाई के लिए उसे फिजिकल रूप से पेश होने के लिए कहा गया था। लाओ ने अदालत को उपरोक्त घटना से भी अवगत कराया था।

राष्ट्रपति द्वारा जारी आदेश को ध्यान में रखते हुए, अदालत ने कहा था, "मामले को देखते हुए 29 मई 2023 के आदेश को आवश्यक रूप से इस हद तक संशोधित किया जाता है कि जेल अधीक्षक को 9 अगस्त को यासीन मलिक को अकेले वीसी के माध्यम से पेश करने का निर्देश दिया जाता है, व्यक्तिगत रूप से नहीं। आवेदन में कोई और निर्देश पारित करना जरूरी नहीं है। आवेदन स्वीकार किया जाता है और तद्नुसार उसका निस्तारण किया जाता है।"

जेल प्राधिकरण ने सुनवाई के दौरान मलिक की व्यक्तिगत उपस्थिति का निर्देश देने वाले हाईकोर्ट के आदेश में संशोधन की मांग करते हुए कहा था कि दोषी को "बहुत उच्च जोखिम" कैदी के रूप में चिह्नित किया गया है, इसलिए उसे वीसी के माध्यम से कार्यवाही में शामिल होने की अनुमति दी जानी चाहिए।

--आईएएनएस

एफजेड/एबीएम

नवीनतम टिप्पणियाँ

हमारा ऐप इंस्टॉल करें
जोखिम प्रकटीकरण: वित्तीय उपकरण एवं/या क्रिप्टो करेंसी में ट्रेडिंग में आपके निवेश की राशि के कुछ, या सभी को खोने का जोखिम शामिल है, और सभी निवेशकों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है। क्रिप्टो करेंसी की कीमत काफी अस्थिर होती है एवं वित्तीय, नियामक या राजनैतिक घटनाओं जैसे बाहरी कारकों से प्रभावित हो सकती है। मार्जिन पर ट्रेडिंग से वित्तीय जोखिम में वृद्धि होती है।
वित्तीय उपकरण या क्रिप्टो करेंसी में ट्रेड करने का निर्णय लेने से पहले आपको वित्तीय बाज़ारों में ट्रेडिंग से जुड़े जोखिमों एवं खर्चों की पूरी जानकारी होनी चाहिए, आपको अपने निवेश लक्ष्यों, अनुभव के स्तर एवं जोखिम के परिमाण पर सावधानी से विचार करना चाहिए, एवं जहां आवश्यकता हो वहाँ पेशेवर सलाह लेनी चाहिए।
फ्यूज़न मीडिया आपको याद दिलाना चाहता है कि इस वेबसाइट में मौजूद डेटा पूर्ण रूप से रियल टाइम एवं सटीक नहीं है। वेबसाइट पर मौजूद डेटा और मूल्य पूर्ण रूप से किसी बाज़ार या एक्सचेंज द्वारा नहीं दिए गए हैं, बल्कि बाज़ार निर्माताओं द्वारा भी दिए गए हो सकते हैं, एवं अतः कीमतों का सटीक ना होना एवं किसी भी बाज़ार में असल कीमत से भिन्न होने का अर्थ है कि कीमतें परिचायक हैं एवं ट्रेडिंग उद्देश्यों के लिए उपयुक्त नहीं है। फ्यूज़न मीडिया एवं इस वेबसाइट में दिए गए डेटा का कोई भी प्रदाता आपकी ट्रेडिंग के फलस्वरूप हुए नुकसान या हानि, अथवा इस वेबसाइट में दी गयी जानकारी पर आपके विश्वास के लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।
फ्यूज़न मीडिया एवं/या डेटा प्रदाता की स्पष्ट पूर्व लिखित अनुमति के बिना इस वेबसाइट में मौजूद डेटा का प्रयोग, संचय, पुनरुत्पादन, प्रदर्शन, संशोधन, प्रेषण या वितरण करना निषिद्ध है। सभी बौद्धिक संपत्ति अधिकार प्रदाताओं एवं/या इस वेबसाइट में मौजूद डेटा प्रदान करने वाले एक्सचेंज द्वारा आरक्षित हैं।
फ्यूज़न मीडिया को विज्ञापनों या विज्ञापनदाताओं के साथ हुई आपकी बातचीत के आधार पर वेबसाइट पर आने वाले विज्ञापनों के लिए मुआवज़ा दिया जा सकता है।
इस समझौते का अंग्रेजी संस्करण मुख्य संस्करण है, जो अंग्रेजी संस्करण और हिंदी संस्करण के बीच विसंगति होने पर प्रभावी होता है।
© 2007-2024 - फ्यूजन मीडिया लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित