💎 किसी भी बाजार में छिपे अंडरवैल्यूड स्टॉक्स का खुलासा करेंशुरू करें

इजरायल-ईरान युद्ध का भारत पर भी असर होगा : राशिद अल्वी

प्रकाशित 03/10/2024, 01:55 am
इजरायल-ईरान युद्ध का भारत पर भी असर होगा : राशिद अल्वी
CL
-

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर (आईएएनएस)। इजरायल-ईरान युद्ध का असर भारत में भी पड़ सकता है। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने बुधवार को आईएएनएस से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा, "एक तरफ रूस लड़ाई में उलझा हुआ है, दूसरी तरफ इजरायल लेबनान पर हमला कर रहा है। अब ईरान ने इजरायल पर हमला कर दिया है। ऐसे में विश्व युद्ध की स्थिति नजर आ रही है।राशिद अल्वी ने कहा कि अमेरिका चाहे तो देशों के बीच चल रहे युद्ध को रोक सकता है। वह इजरायल से कह सकता है कि गाजा के अंदर बेगुनाह लोगों को न मारा जाए, लेबनान में लोगों को नहीं मारा जाए।

राशिद अल्वी ने कहा, "ईरान से हमारे बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। भारत ईरान से क्रूड ऑयल खरीदता है। अगर ईरान लड़ाई में शामिल हो जाता है तो इससे कहीं न कहीं पूरी दुनिया पर असर पड़ेगा, भारत पर भी इसका असर होगा।"

पाकिस्तान में जाकिर नाइक द्वारा गोमांस पर दिए बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा, "जाकिर नाइक ने सही बात कही है। भारत में एक बड़ा हिस्सा गाय की इज्जत करता है। इसलिए, हर समुदाय के हर आदमी की आस्था की इज्जत करनी चाहिए। अगर भारत के अंदर करोड़ों लोग गाय की इज्जत करते हैं और चाहते हैं कि गोमांस न खाया जाए तो इसकी इज्जत करनी चाहिए। लेकिन, भारतीय जनता पार्टी के नेता जहां-जहां उनकी सरकार है, वहां पर कुछ और बोलते हैं और शेष देश में कुछ और बोलते हैं।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी सभा के दौरान कांग्रेस को राष्ट्र विरोधी बताया है। इस पर राशिद अल्वी ने पलटवार करते हुए कहा, "जहां-जहां उनकी सरकार है, वहां पर दलितों के साथ अत्याचार होता है। क्या यह भारत के अंदर उनको सिखाया गया है कि क्या यही देशभक्ति है, क्या यही दलितों के साथ अच्छा व्यवहार है। देश के अंदर सरकारी नौकरियों में रिजर्वेशन असेंबली में कांग्रेस ने दिया। प्रधानमंत्री एक भी काम ऐसा बताइए जो उन्होंने दलितों के लिए किया। सारा दलित भाजपा के खिलाफ है, क्योंकि उन्होंने दलितों के लिए कोई काम नहीं किया।"

मंगेश कुमार एनकाउंटर मामले में सुल्तानपुर के एसपी पर मामला दर्ज किया गया है। इस पर राशिद अल्वी ने कहा, "मुझे उत्तर प्रदेश की सरकार पर कोई भरोसा नहीं है। यह सिर्फ जनता को गुमराह करने के लिए किया गया है। एसपी से लेकर किसी पुलिसवाले का कुछ नहीं बिगड़ेगा क्योंकि उत्तर प्रदेश के अंदर जितने फेक एनकाउंटर हुए हैं, उतने पूरे देश के अंदर नहीं हुए। ऐसा लगता है कि उत्तर प्रदेश के अंदर प्रशासन को खुली छूट है, जिसको चाहे एनकाउंटर के नाम पर मौत के घाट उतार दें। ह्यूमन राइट्स कमीशन भी इसकी जांच कर चुका है। उत्तर प्रदेश के अंदर 200 से ज्यादा एनकाउंटर हुए हैं और वे फेक हैं।"

--आईएएनएस

डीकेएम/

नवीनतम टिप्पणियाँ

हमारा ऐप इंस्टॉल करें
जोखिम प्रकटीकरण: वित्तीय उपकरण एवं/या क्रिप्टो करेंसी में ट्रेडिंग में आपके निवेश की राशि के कुछ, या सभी को खोने का जोखिम शामिल है, और सभी निवेशकों के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है। क्रिप्टो करेंसी की कीमत काफी अस्थिर होती है एवं वित्तीय, नियामक या राजनैतिक घटनाओं जैसे बाहरी कारकों से प्रभावित हो सकती है। मार्जिन पर ट्रेडिंग से वित्तीय जोखिम में वृद्धि होती है।
वित्तीय उपकरण या क्रिप्टो करेंसी में ट्रेड करने का निर्णय लेने से पहले आपको वित्तीय बाज़ारों में ट्रेडिंग से जुड़े जोखिमों एवं खर्चों की पूरी जानकारी होनी चाहिए, आपको अपने निवेश लक्ष्यों, अनुभव के स्तर एवं जोखिम के परिमाण पर सावधानी से विचार करना चाहिए, एवं जहां आवश्यकता हो वहाँ पेशेवर सलाह लेनी चाहिए।
फ्यूज़न मीडिया आपको याद दिलाना चाहता है कि इस वेबसाइट में मौजूद डेटा पूर्ण रूप से रियल टाइम एवं सटीक नहीं है। वेबसाइट पर मौजूद डेटा और मूल्य पूर्ण रूप से किसी बाज़ार या एक्सचेंज द्वारा नहीं दिए गए हैं, बल्कि बाज़ार निर्माताओं द्वारा भी दिए गए हो सकते हैं, एवं अतः कीमतों का सटीक ना होना एवं किसी भी बाज़ार में असल कीमत से भिन्न होने का अर्थ है कि कीमतें परिचायक हैं एवं ट्रेडिंग उद्देश्यों के लिए उपयुक्त नहीं है। फ्यूज़न मीडिया एवं इस वेबसाइट में दिए गए डेटा का कोई भी प्रदाता आपकी ट्रेडिंग के फलस्वरूप हुए नुकसान या हानि, अथवा इस वेबसाइट में दी गयी जानकारी पर आपके विश्वास के लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं होगा।
फ्यूज़न मीडिया एवं/या डेटा प्रदाता की स्पष्ट पूर्व लिखित अनुमति के बिना इस वेबसाइट में मौजूद डेटा का प्रयोग, संचय, पुनरुत्पादन, प्रदर्शन, संशोधन, प्रेषण या वितरण करना निषिद्ध है। सभी बौद्धिक संपत्ति अधिकार प्रदाताओं एवं/या इस वेबसाइट में मौजूद डेटा प्रदान करने वाले एक्सचेंज द्वारा आरक्षित हैं।
फ्यूज़न मीडिया को विज्ञापनों या विज्ञापनदाताओं के साथ हुई आपकी बातचीत के आधार पर वेबसाइट पर आने वाले विज्ञापनों के लिए मुआवज़ा दिया जा सकता है।
इस समझौते का अंग्रेजी संस्करण मुख्य संस्करण है, जो अंग्रेजी संस्करण और हिंदी संस्करण के बीच विसंगति होने पर प्रभावी होता है।
© 2007-2024 - फ्यूजन मीडिया लिमिटेड सर्वाधिकार सुरक्षित