आम बजट से उम्मीद
नई दिल्ली (आई-ग्रेन इंडिया)। चीनी उद्योग की शीर्ष संस्था- इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन ने 2022-23 के मार्केटिंग सीजन के दौरान चीनी का उत्पादन एक तरफ महाराष्ट्र में घटकर 105 लाख टन पर सिमटने की संभावना व्यक्त की है तो दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में बढ़कर 105 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया है।
महाराष्ट्र में गन्ना की क्रशिंग बंद हो चुकी है लेकिन उत्तर प्रदेश में चालू है। इस्मा की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में चीनी का कुल उत्पादन 119 लाख टन हो सकता है जिसमें से 14 लाख टन का उपयोग एथनॉल निर्माण में होगा और इसलिए शुद्ध चीनी का उत्पादन 105 लाख टन रह जाएगा। इसी तरह महाराष्ट्र में कुल चीनी का उत्पादन 118 लाख टन होने की संभावना है जिसमें से 13 लाख टन का इस्तेमाल एथनॉल निर्माण में होने के बाद वास्तविक उत्पादन आंकड़ा 105 लाख टन पर सिमट जाएगा।
इसके अलावा कर्नाटक में डायवर्जन से पूर्व चीनी का उत्पादन 67 लाख टन होने का अनुमान है जिसमें से 10 लाख टन का उपयोग एथनॉल निर्माण में होगा और फिर 57 लाख टन चीनी शुद्ध रूप में उपलब्ध होगी।
इसके साथ-साथ तमिलनाडु में 18 लाख टन, गुजरात में 10 लाख टन तथा देश के अन्य राज्यों में 35 लाख टन शुद्ध चीनी के उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई है जबकि एथनॉल के निर्माण में केवल 3 लाख टन चीनी का उपयोग किया जाएगा। इस तरह 2022-23 के सम्पूर्ण क्रशिंग के दौरान कुल 368 लाख टन चीनी का उत्पादन हो सकता है जिसमें से 40 लाख टन का इस्तेमाल एथनॉल उत्पादन में होगा और शेष 328 लाख टन चीनी खाद्य उद्देश्य के लिए उपलब्ध रहेगी।
इस्मा ने 1 जनवरी 2023 को अपना दूसरा अग्रिम उत्पादन अनुमान जारी किया था जिसमें चीनी का कुल उत्पादन 385 लाख टन होने की संभावना व्यक्त करते हुए 45 लाख टन का उपयोग एथनॉल निर्माण में होने तथा 340 लाख टन चीनी खाद्य उद्देश्य के लिए मौजूद रहने की उम्मीद जताई थी।
इस बार महाराष्ट्र में चीनी का उत्पादन अनुमान पिछली रिपोर्ट की तुलना में 126 लाख टन से घटाकर 105 लाख टन पर सिमटने का अनुमान लगाया है जबकि उत्तर प्रदेश में 101 लाख टन से बढ़कर 105 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद व्यक्त की गई है। चीनी के अन्य उत्पादक राज्यों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान एवं उड़ीसा शामिल है। राष्ट्रीय स्तर पर अधिकांश चीनी मिलें बंद हो चुकी हैं।
